हिमाचल प्रदेश के शिमला ज़िले के कोटखाई क्षेत्र में बुधवार दोपहर एक बड़ा अग्निकांड सामने आया। बड़वी गांव में दोपहर लगभग 12 बजे एक रिहायशी भवन में आग लग गई, जो देखते ही देखते फैलती चली गई। घटना में करीब आठ परिवारों के लगभग 50 कमरे जलकर राख हो गए। स्थानीय प्रशासन और दमकल विभाग की टीम घंटे भर बाद मौके पर पहुंची।
दमकल विभाग के चार वाहन लगातार आग पर काबू पाने में जुटे हैं। आग को काफी हद तक नियंत्रित कर लिया गया है, लेकिन धुएं के गुबार अभी भी उठ रहे हैं। लकड़ी के बने मकान होने के कारण आग तेजी से फैल गई, जिससे लोग अपना सामान भी नहीं बचा सके।
प्रभावित घरों में प्रकाश, प्रताप, बलवीर, सुरेश, सीमित भूस्तू, देनी, जोवन, राजेंद्र और ओम के परिवार शामिल हैं।
दमकल वाहन देरी से पहुंचे, रास्तों की खराब हालत बनी मुश्किल
स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना की सूचना तुरंत दमकल विभाग तक पहुंचाई गई, लेकिन खराब सड़क और ट्रैफिक की वजह से दमकल वाहन देरी से पहुंचे, जिस कारण आग फैलने से रोकना मुश्किल हो गया। ग्रामीणों ने पावर स्प्रेयर व पानी की बाल्टियों से खुद आग बुझाने की कोशिश की।
कोटखाई फायर स्टेशन के इंचार्ज केसर नेगी ने बताया कि आग बुझाने का प्रयास लगातार जारी है और नुकसान का आकलन लगभग 7 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
प्रशासन की त्वरित राहत – 5 हजार रुपये, तिरपाल और कंबल वितरित
मौके पर पहुंचकर स्थानीय प्रशासन ने सभी प्रभावित परिवारों को 5,000 रुपये की फौरी राहत, साथ ही रहने के लिए तिरपाल और कंबल उपलब्ध कराए।
आगे की कार्रवाई तक सभी को नज़दीकी सुरक्षित भवनों में अस्थायी रूप से ठहराया गया है।
स्थानीय लोगों में नाराज़गी भी व्यक्त
दमकल विभाग के देर से पहुंचने को लेकर लोगों में नाराज़गी देखी गई। ग्रामीणों ने कहा कि यदि तुरंत सहायता मिलती तो बड़ा नुकसान रोका जा सकता था। फिलहाल प्रशासन नुकसान का विस्तृत आंकलन कर रहा है।


