बिलासपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) बिलासपुर ने आईसीयू और इमरजेंसी सेवाओं को और मजबूत बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अस्पताल प्रशासन ने 2000 क्लोज्ड सक्शन सेट खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे गंभीर मरीजों की देखभाल में अत्यधिक सुधार होने की संभावना है।
आईसीयू और इमरजेंसी विभाग में इलाज करा रहे कई मरीज वेंटिलेटर सपोर्ट पर होते हैं। ऐसे में सांस की नली में जमा स्राव कई बार जानलेवा स्थिति पैदा कर सकता है। क्लोज्ड सक्शन सेट एक ऐसी आधुनिक प्रणाली है, जिसमें वेंटिलेटर को डिस्कनेक्ट किए बिना श्वसन मार्ग की सफाई की जा सकती है। इससे ऑक्सीजन सप्लाई बाधित नहीं होती और मरीज की स्थिति स्थिर बनी रहती है।
विशेषज्ञों के अनुसार क्लोज्ड सक्शन सिस्टम का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह संक्रमण फैलने के जोखिम को काफी हद तक कम करता है। खुले सक्शन की तुलना में यह तकनीक अस्पतालों में होने वाले संक्रमण को रोकने में अधिक प्रभावी है। इससे न केवल मरीज की रिकवरी तेज होती है, बल्कि आईसीयू में लंबे समय तक रहने की संभावना भी कम हो जाती है।
आपातकालीन स्थितियों में हर सेकंड बेहद कीमती होता है। ऐसे में यह उपकरण डॉक्टरों और नर्सिंग टीम को तेज़, सुरक्षित और लगातार उपचार उपलब्ध कराने में मदद करेगा। चिकित्सा स्टाफ श्वसन मार्ग की सफाई तुरंत कर सकेगा और मरीज की जान बचाने की संभावना कई गुना बढ़ जाएगी।
🔸 अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अपग्रेड
एम्स प्रशासन का कहना है कि यह खरीद प्रक्रिया अस्पताल को क्रिटिकल केयर, ट्रॉमा केयर और इमरजेंसी सेवाओं में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता से AIIMS बिलासपुर गंभीर रोगियों के लिए और अधिक विश्वसनीय और उन्नत स्वास्थ्य केंद्र बनकर उभरेगा।
प्रशासन के अनुसार, इस कदम से मरीजों की रिकवरी तेज होगी, आईसीयू में रहने की अवधि घटेगी और जटिलताओं की संभावना भी काफी कम हो जाएगी। नई तकनीक के जुड़ने से अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी और मरीजों को बेहतर उपचार मिल सकेगा।

