गगल। कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तार कार्य से प्रभावित लोगों को राहत देने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। नवीनतम जानकारी के अनुसार एक ही दिन में 103 करोड़ रुपये प्रभावित परिवारों के खातों में ट्रांसफर किए गए हैं। इस चरण के साथ अब तक 579 करोड़ रुपये मुआवज़े के रूप में बांटे जा चुके हैं।
इसके साथ ही बल्ला और मंगरेहड़ गांवों के अवार्ड भी जारी कर दिए गए हैं। आने वाले दिनों में इन क्षेत्रों के ग्रामीणों से एफिडेविट लिए जाएंगे, जिसके बाद इन्हें भी मुआवज़े की राशि मिलनी शुरू हो जाएगी। इस बार एयरपोर्ट विस्तार के लिए आई 1050 करोड़ रुपये की किस्त का पैसा लाभार्थियों को दिया जा रहा है।
प्रशासन के अनुसार ताजा प्रक्रिया में लगभग 1600 लोगों के अवार्ड तैयार हैं और प्रतिदिन करोड़ों की राशि खातों में ट्रांसफर हो रही है। प्रभावित परिवार अपनी राशि पसंदीदा बैंकों में जमा करवा रहे हैं और कई लोग नई जमीन तलाशने में जुट गए हैं।
इसी बीच एयरपोर्ट के दायरे में आने वाली सरकारी और गैर-सरकारी संस्थाओं के साथ कई दुकानदारों ने भी अपने लिए नई जगह तलाशना शुरू कर दिया है। प्रभावित लोग जिला प्रशासन से R&R प्लान को लेकर स्पष्ट जानकारी चाहते हैं, लेकिन अभी तक इस संबंध में ठोस दिशा-निर्देश नहीं दिए गए हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर नाराज़गी भी बढ़ रही है।
🔸 अवार्ड जारी, शुरू होगा अगला चरण
एसडीएम कांगड़ा इशांत जसवाल ने बताया कि बल्ला और मंगरेहड़ गांवों के अवार्ड जारी हो गए हैं और अब प्रभावितों से शपथ पत्र लिए जाएंगे। इसके बाद उन्हें मुआवज़ा देने की प्रक्रिया शुरू होगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन प्रभावित लोगों की सुविधा का पूरा ध्यान रख रहा है।
🔸 युवाओं को भी मिलेगा भत्ता
R&R प्लान के अनुसार फरवरी 2023 में वयस्क हुए युवाओं को भी 7.75 लाख रुपये दिए जाएंगे।
इसके अलावा—
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घर शिफ्टिंग के 77,000 रुपये
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गौशाला शिफ्टिंग के 38,000 रुपये
का प्रावधान है।
प्रभावित लोगों का कहना है कि प्रशासन को हर मुद्दे पर स्पष्टता देनी चाहिए, ताकि उनका कारोबार और आजीविका प्रभावित न हो।
🔸 दुकानदारों की बड़ी चिंता
गगल क्षेत्र में लगभग 70% दुकानदार किराए पर व्यवसाय चला रहे हैं। उनकी प्रमुख मांग है कि उन्हें नया बाजार बसाकर दिया जाए, ताकि वे दोबारा अपना कारोबार सुचारू रूप से शुरू कर सकें।
प्रशासन की धीमी प्रक्रिया से लोग आसपास जमीन खरीदने या कारोबार शुरू करने में असमर्थ हैं, क्योंकि अभी तक यह तय नहीं है कि फोरलेन, सर्विस लेन या सर्कुलर रोड आखिर कहां से गुजरेगा।

