Rashtra View पंजाब समाचार
पंजाब में कृषि से जुड़े किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए राज्य सरकार ने धान की रोपाई का आधिकारिक शेड्यूल जारी कर दिया है। यह फैसला पानी की बचत और बिजली के बेहतर प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि किसानों को समय पर सुविधाएं मिल सकें।
मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann ने बताया कि राज्य में धान की सीधी बुवाई (Direct Seeding of Rice) 15 मई से शुरू होगी और 31 मई तक जारी रहेगी। इस विधि से पानी की बचत के साथ-साथ खेती की लागत भी कम होगी, जो किसानों के लिए लाभदायक साबित हो सकती है।
इसके बाद धान की पारंपरिक रोपाई 1 जून से शुरू होगी। पहले चरण में गुरदासपुर, पठानकोट, अमृतसर, तरन तारन, रूपनगर और मोहाली में रोपाई की अनुमति दी गई है। दूसरे चरण के तहत 5 जून से फरीदकोट, बठिंडा, फिरोजपुर, मुक्तसर और फाजिल्का में रोपाई शुरू की जाएगी।
तीसरे और अंतिम चरण में 9 जून से लुधियाना, मलेरकोटला, मानसा, पटियाला, मोगा, बरनाला, जालंधर, संगरूर, कपूरथला और नवांशहर में धान की रोपाई की अनुमति होगी।
सरकार की ओर से यह भी सुनिश्चित किया गया है कि रोपाई के दौरान किसानों को प्रतिदिन आठ घंटे बिजली आपूर्ति दी जाएगी। इसके अलावा नहरी पानी के अधिकतम उपयोग को बढ़ावा देने के लिए 1 मई से राज्य के सभी नहरों में पानी छोड़ा जाएगा।
यह कदम न केवल भूजल स्तर को बचाने में मददगार साबित होगा, बल्कि कृषि के टिकाऊ विकास की दिशा में भी एक मजबूत पहल माना जा रहा है।

