रेलवे स्टेशनों से मिटेंगे अंग्रेजों के निशान! अब दिखेगा आत्मनिर्भर भारत का नया गौरव
देशभर में रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण के बीच अब ब्रिटिशकालीन ढांचों और प्रतीकों को हटाने का अभियान भी तेज हो गया है। Indian Railways के निर्देशों के बाद उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले स्थित नगीना रेलवे स्टेशन पर अंग्रेजों के जमाने के पुराने भवनों को हटाने का काम शुरू कर दिया गया है।
करीब 140 साल पुराने
इन भवनों को अब नए भारत की पहचान से जोड़ा जा रहा है। रेलवे बोर्ड ने सभी जोन को निर्देश दिए हैं कि ऐसे औपनिवेशिक अवशेषों को चिन्हित कर हटाया जाए, जो अब भी ब्रिटिश शासन की याद दिलाते हैं। इसी क्रम में नगीना स्टेशन पर वर्ष 1885 में बना स्टेशन मास्टर कक्ष और 1932 के पुराने आवासीय भवनों को हटाया जा रहा है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार
ये भवन काफी जर्जर हो चुके थे और सुरक्षा के लिहाज से भी खतरा बनते जा रहे थे। अब इनकी जगह आधुनिक सुविधाओं से लैस नए भवन तैयार किए जाएंगे, जो आत्मनिर्भर भारत और आधुनिक रेलवे की नई तस्वीर पेश करेंगे।
बिजनौर, धामपुर, नजीबाबाद और स्योहारा समेत कई रेलवे स्टेशनों पर पहले से ही सौंदर्यीकरण और पुनर्विकास कार्य जारी है। स्टेशन परिसरों को आधुनिक रूप देने के साथ-साथ यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने पर भी जोर दिया जा रहा है।
रेलवे के इस कदम को केवल निर्माण कार्य नहीं,
बल्कि मानसिक गुलामी के प्रतीकों से बाहर निकलकर नए भारत की पहचान बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। आने वाले समय में देश के कई अन्य रेलवे स्टेशनों पर भी इसी तरह के बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
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