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PGI टेक्नोलॉजिस्ट मौत मामला: 4 साल बाद भी नहीं सुलझा रहस्य, हाईकोर्ट ने SSP को दिए जांच के आदेश

Navdeep
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 Rashtra View |

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  PGI टेक्नोलॉजिस्ट मौत मामला: 4 साल बाद भी नहीं सुलझा रहस्य, हाईकोर्ट ने SSP को दिए जांच के आदेश

चंडीगढ़ में सामने आया पीजीआई के वरिष्ठ टेक्नोलॉजिस्ट मुनीष कोचर की संदिग्ध मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में है। चार साल बीत जाने के बाद भी इस केस से जुड़े कई सवाल अनुत्तरित हैं। अब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद परिवार को न्याय की नई उम्मीद जगी है।


मुनीष कोचर का शव अगस्त 2022 में सेक्टर-24 स्थित सरकारी आवास के बेड बॉक्स के अंदर संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। शव बुरी तरह सड़ चुका था और पुलिस को उसे बाहर निकालने के लिए बेड का हिस्सा तोड़ना पड़ा था। घटना की तस्वीरों और परिस्थितियों ने शुरुआत से ही कई सवाल खड़े कर दिए थे।

परिवार का दावा है कि

 यह आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या का मामला है। उनका कहना है कि घटनास्थल से मिले कई संकेत सामान्य नहीं थे। कमरे से शराब की बोतलें और गिलास बरामद हुए थे, लेकिन फॉरेंसिक जांच में उन पर कोई फिंगरप्रिंट नहीं मिला। परिवार का आरोप है कि किसी ने जानबूझकर सबूत मिटाने की कोशिश की।

मामले 

में एक और बड़ा सवाल मोबाइल डेटा और निजी सामान को लेकर भी उठा। परिजनों के मुताबिक मुनीष के मोबाइल से कई चैट डिलीट मिलीं, जबकि उनका पर्स और कुछ डिजिटल स्टोरेज डिवाइस भी गायब थे। परिवार ने यह भी दावा किया कि मौत से पहले उनके बैंक खाते से बड़ी रकम ट्रांसफर की गई थी।

मुनीष के पिता, जो एक सेवानिवृत्त आयकर अधिकारी हैं, लगातार इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि उनका बेटा मानसिक तनाव में नहीं था और भविष्य को लेकर सकारात्मक सोच रखता था। उन्होंने सवाल उठाया कि कोई व्यक्ति खुद बेड बॉक्स में जाकर इतनी व्यवस्थित स्थिति में कैसे रह सकता है।

अब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी को विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने परिवार द्वारा उपलब्ध कराए गए फोटो और अन्य साक्ष्यों को भी जांच में शामिल करने को कहा है। इससे मामले में नए सिरे से जांच की उम्मीद बढ़ गई है।

इस केस से जुड़ी एक और चौंकाने वाली बात यह रही कि शुरुआती जांच करने वाले अधिकारी को बाद में रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद जांच दूसरे अधिकारी को सौंपी गई। फिलहाल परिवार हत्या का केस दर्ज करने की मांग पर अड़ा हुआ है।


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