प्राकृतिक आपदा से जूझते हिमाचल के लिए केंद्र से सीएम सुक्खू की गुहार

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🌧️ हिमाचल की पीड़ा: सीएम सुक्खू ने केंद्र सरकार से राहत की दरकार

राष्ट्र व्यू ब्यूरो, शिमला — हिमाचल प्रदेश में जारी भारी बारिश और भूस्खलन ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने केंद्र सरकार से आपातकालीन राहत और उदार सहायता की मांग की है।

नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के दौरान सीएम सुक्खू ने बताया कि अब तक प्रदेश को 1000 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हो चुका है, जबकि मानसून की शुरुआत ही हुई है।


⚠️ तीन वर्षों में 21 हजार करोड़ का नुकसान

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2023 से अब तक हिमाचल को लगातार प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ रहा है। पिछले तीन वर्षों में कुल 21,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। उन्होंने आग्रह किया कि वर्तमान में राहत के लिए केंद्र द्वारा निर्धारित 10% सीमा को बढ़ाकर 30% किया जाए ताकि पहाड़ी राज्यों को न्याय मिल सके।

अमित शाह ने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार हिमाचल को हरसंभव सहायता प्रदान करेगी।


🏛️ वित्त आयोग से भी मिला समर्थन

मुख्यमंत्री सुक्खू ने 16वें वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया से भी भेंट की। उन्होंने आग्रह किया कि हिमाचल की भौगोलिक चुनौतियों और सीमित संसाधनों को ध्यान में रखते हुए राज्य को राजस्व घाटा अनुदान मिलता रहे।


🚧 सड़कों के पुनर्निर्माण को लेकर गडकरी से मिले

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से भी मुलाकात की और राज्य की क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत एवं पुनर्निर्माण के लिए केंद्र की मदद मांगी। उन्होंने कुछ महत्वपूर्ण मार्गों को प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना में शामिल करने की मांग की।


🔚 निष्कर्ष

हिमाचल प्रदेश प्राकृतिक आपदाओं के प्रकोप से लगातार जूझ रहा है और राज्य सरकार पुनर्निर्माण और राहत के हर संभव प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री सुक्खू की यह दिल्ली यात्रा उम्मीदों की नई किरण लेकर आई है।

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