Rashtra View | Shimla
हिमाचल प्रदेश सरकार ने दिसंबर माह के लिए 350 करोड़ रुपये का नया लोन लेने का निर्णय लिया है। वित्त विभाग ने इसके लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। यह राशि भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के माध्यम से नीलामी के द्वारा जुटाई जाएगी।
नीलामी 2 दिसंबर को होगी और प्राप्त राशि 3 दिसंबर को राज्य सरकार के खाते में जमा हो जाएगी।
सरकार इस राशि को मीडियम टर्म लोन के रूप में ले रही है, जिसकी पूर्व अनुमोदन केंद्र सरकार से प्राप्त किया जा चुका है। यह कर्ज राज्य के नियमित प्रशासनिक एवं वित्तीय संचालन के लिए लिया जा रहा है।
📉 कम राजस्व घाटा अनुदान बना चुनौती
इस वर्ष हिमाचल को केंद्र सरकार से सबसे कम राजस्व घाटा अनुदान मिला है, जिसके कारण राज्य की वित्तीय स्थिति पर दबाव बढ़ा है।
इस वजह से दिसंबर तक सरकार को मीडियम और शॉर्ट-टर्म लोन के सहारे अपने खर्च प्रबंधित करने पड़ रहे हैं।
वित्त विभाग के अधिकारियों के अनुसार:
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जनवरी से मार्च (अंतिम तिमाही) के लिए
नई लोन लिमिट केंद्र से मिलने की उम्मीद है -
नए वित्त वर्ष की शुरुआत 1 अप्रैल से होगी
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साथ ही 16वें वित्त आयोग की सिफारिशें भी लागू हो जाएँगी
राज्य सरकार को भरोसा है कि नए वित्त आयोग द्वारा
राजस्व घाटा अनुदान में और कटौती नहीं की जाएगी,
जिससे वित्तीय स्थिति में सुधार आएगा।
🏛️ वित्त विभाग ने जारी की अधिसूचना
वित्त विभाग द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि:
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यह लोन राज्य के सामान्य प्रशासनिक कार्यों के लिए
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केंद्र सरकार की पूर्व अनुमति प्राप्त
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RBI के माध्यम से नीलामी
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समय पर पुनर्भुगतान की योजना तैयार
सरकार के अनुसार यह कदम राजकोषीय संतुलन बनाए रखने और
वर्तमान वित्तीय दबाव को कम करने के लिए आवश्यक है।
🏁 निष्कर्ष
हिमाचल सरकार द्वारा 350 करोड़ रुपये का यह नया कर्ज राज्य की मौजूदा वित्तीय चुनौतियों को दर्शाता है।
जनवरी—मार्च में अतिरिक्त लोन सीमा मिलने की उम्मीद और
16वें वित्त आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद
राज्य की आर्थिक स्थिति में सुधार की संभावना जताई जा रही है।


