चंडीगढ़ | Rashtra View News Desk
पंजाब सरकार ने प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब राज्य के सरकारी विभाग 5 लाख रुपये तक का सामान बिना टेंडर प्रक्रिया के खरीद सकेंगे। पहले यह सीमा केवल 2.5 लाख रुपये थी। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया।
सरकार का मानना है कि नई सीमा से विभागीय कार्यों में तेजी आएगी और खरीद प्रक्रिया सरल बनेगी।
मुख्य फैसले: क्या-क्या बदला?
1. बिना टेंडर खरीद सीमा 2.5 लाख से बढ़ाकर 5 लाख
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अब छोटे और आवश्यक कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया का इंतज़ार नहीं करना पड़ेगा।
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विभाग तुरंत सामग्री खरीद सकेंगे।
2. रजिस्टर्ड सोसाइटी और ट्रस्टों की होगी जांच
कैबिनेट मीटिंग में निर्णय हुआ कि प्रदेश में रजिस्टर्ड सभी सोसाइटी और ट्रस्टों का
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सालाना ऑडिट होगा
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वित्तीय लेनदेन की जांच की जाएगी
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इसके लिए सरकार प्रबंधक नियुक्त करेगी
सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट 1860 के बाद यह पहला बड़ा संशोधन है।
3. अवैध माइनिंग पर सख्ती: वाहनों पर GPS अनिवार्य
वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने बताया कि माइनिंग क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए:
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सभी माइनिंग वाहनों में GPS लगाना अनिवार्य होगा
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सरकार अब वाहनों की रियल-टाइम ट्रैकिंग करेगी
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इससे अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगेगी
4. बॉर्डर एरिया में डॉक्टरों व शिक्षकों को मिलेगा विशेष इंसेंटिव
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कठिन इलाकों में सेवाएं देने वाले डॉक्टर और शिक्षक अब स्पेशल इंसेंटिव प्राप्त करेंगे।
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सरकार निजी विशेषज्ञ डॉक्टरों को भी इंपैनल करेगी।
यह बदलाव क्यों जरूरी थे?
सरकार के अनुसार,
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विभागों को बार-बार टेंडर प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था
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इससे कार्यों में देरी होती थी
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कई ट्रस्ट और सोसाइटियां रजिस्ट्रेशन एक्ट का दुरुपयोग कर रहे थे
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माइनिंग क्षेत्र में पारदर्शिता की जरूरत थी
इन सभी बिंदुओं को सुधारने के लिए यह कदम उठाए गए हैं।


